UPPSC RO ARO 2026: भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन से जुड़े प्रश्न कैसे तैयार करें? जानें संपूर्ण सिलेबस, महत्वपूर्ण घटनाएं और टॉपिक्स
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) द्वारा आयोजित समीक्षा अधिकारी (RO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) परीक्षा में आधुनिक भारत के इतिहास का एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा “भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन” (Indian National Movement) है।
सामान्य अध्ययन (GS Paper-1) के प्रश्नपत्र में इतिहास खंड को दो भागों में बांटा जाता है— भारत का इतिहास तथा भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन। यदि पिछले 10 वर्षों के प्रश्नपत्रों का विश्लेषण करें, तो इतिहास खंड से पूछे जाने वाले कुल 20 से 25 प्रश्नों में से लगभग 60% से 70% प्रश्न अकेले “भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन” से आते हैं।
यह विषय स्कोरिंग भी है और इसमें प्रश्नों की पुनरावृत्ति (Questions Repetition) भी अधिक देखने को मिलती है। यदि आपकी तैयारी सही दिशा में हो और आपको महत्वपूर्ण घटनाओं की क्रमानुक्रम (Chronology) का ज्ञान हो, तो आप इस खंड में शत-प्रतिशत अंक हासिल कर सकते हैं।
इस विस्तृत गाइड में हम भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के संपूर्ण सिलेबस, महत्वपूर्ण कालखंडों, प्रमुख पत्र-पत्रिकाओं, कांग्रेस अधिवेशनों और 10 अति-महत्वपूर्ण प्रश्नों (व्याख्या सहित) पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
UPPSC RO ARO में भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का महत्व (Weightage Analysis)
UPPSC RO/ARO प्रारंभिक परीक्षा में प्रथम प्रश्नपत्र (140 अंक) में आधुनिक इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की भूमिका इस प्रकार रहती है:
| परीक्षा का चरण | प्रश्नपत्र | कुल इतिहास प्रश्न | राष्ट्रीय आंदोलन से प्रश्न |
| प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) | GS Paper-1 (140 प्रश्न) | 20 – 24 | 12 – 16 प्रश्न |
| मुख्य परीक्षा (Mains) | GS Paper-1 (120 प्रश्न) | 15 – 18 | 9 – 12 प्रश्न |
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का संपूर्ण सिलेबस (Syllabus Breakdown)
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन (1857 से 1947) को अध्ययन की सुविधा के लिए मुख्य रूप से चार प्रमुख चरणों में विभाजित किया जा सकता है:
1. पृष्ठभूमि एवं 1857 की क्रांति
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1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के कारण, प्रमुख केंद्र और नेता (जैसे- बेगम हजरत महल, रानी लक्ष्मीबाई, कुंवर सिंह, मौलवी लियाकत अली)।
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1857 के विद्रोह की विफलता के कारण और इसके परिणाम (1858 का विक्टोरिया घोषणा पत्र)।
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19वीं शताब्दी के सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन (ब्रह्म समाज, आर्य समाज, प्रार्थना समाज, रामकृष्ण मिशन, सत्यशोधक समाज)।
2. उदारवादी एवं उग्रवादी चरण (1885 – 1919)
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भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना (1885): ए.ओ. ह्यूम, प्रथम अध्यक्ष व्योमेश चंद्र बनर्जी, शुरुआती अधिवेशन और उनके स्थान।
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उदारवादी युग (1885-1905): दादाभाई नौरोजी (धन निष्कासन सिद्धांत – Drain of Wealth), गोपाल कृष्ण गोखले, फिरोजशाह मेहता।
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बंग-भंग एवं स्वदेशी आंदोलन (1905): लॉर्ड कर्जन द्वारा बंगाल विभाजन, स्वदेशी और बहिष्कार आंदोलन।
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कांग्रेस का सूरत विभाजन (1907): गरम दल और नरम दल का अलग होना।
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मुस्लिम लीग की स्थापना (1906) एवं मार्ले-मिंटो सुधार (1909)।
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होम रूल लीक आंदोलन (1916): बाल गंगाधर तिलक और एनी बेसेंट की भूमिका।
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लखनऊ समझौता (1916): गरम दल-नरम दल और कांग्रेस-मुस्लिम लीग का मिलन।
3. गांधीवादी युग (1919 – 1947)
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गांधीजी का भारत आगमन एवं शुरुआती सत्याग्रह: चंपारण (1917), अहमदाबाद मिल मजदूर आंदोलन (1918), खेड़ा सत्याग्रह (1918)।
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रॉलेट एक्ट, जलियांवाला बाग हत्याकांड (1919) और खिलाफत आंदोलन।
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असहयोग आंदोलन (1920-1922): चौरी-चौरा कांड (5 फरवरी 1922) और आंदोलन की वापसी।
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स्वराज पार्टी की स्थापना (1923): चित्तरंजन दास और मोतीलाल नेहरू।
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साइमन कमीशन (1927-28), नेहरू रिपोर्ट (1928), और जिन्ना के 14 सूत्र।
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ससविनय अवज्ञा आंदोलन (1930-1934): दांडी मार्च (6 अप्रैल 1930), गांधी-इरविन समझौता (1931), गोलमेज सम्मेलन (1930-1932)।
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पुना पैक्ट (1932): महात्मा गांधी और डॉ. बी.आर. अंबेडकर के बीच समझौता।
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प्रांतीय चुनाव (1937) एवं व्यक्तिगत सत्याग्रह (1940)।
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भारत छोड़ो आंदोलन (1942): “करो या मरो” का नारा, क्रिप्स मिशन की विफलता और समानांतर सरकारें (बलिया, तामलुक, सतारा)।
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आजाद हिंद फौज (INA) और सुभाष चंद्र बोस।
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स्वतंत्रता एवं विभाजन (1946-1947): कैबिनेट मिशन (1946), माउंटबेटन योजना और भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 1947।
बार-बार पूछे जाने वाले अति-महत्वपूर्ण टॉपिक्स (High-Yield Topics)
यदि आपके पास समय कम है, तो इन 5 सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स को सबसे पहले तैयार करें:
1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रमुख अधिवेशन
| वर्ष | स्थान | अध्यक्ष | विशेष तथ्य |
| 1885 | बम्बई | व्योमेश चंद्र बनर्जी | प्रथम अधिवेशन (72 प्रतिनिधि शामिल) |
| 1887 | मद्रास | बदरुद्दीन तैयबजी | प्रथम मुस्लिम अध्यक्ष |
| 1888 | इलाहाबाद | जॉर्ज यूल | प्रथम अंग्रेज अध्यक्ष |
| 1896 | कलकत्ता | रहमतुल्लाह सयानी | पहली बार ‘वंदे मातरम’ गाया गया |
| 1911 | कलकत्ता | बिशन नारायण धर | पहली बार ‘जन गण मन’ गाया गया |
| 1917 | कलकत्ता | एनी बेसेंट | प्रथम महिला अध्यक्ष |
| 1924 | बेलगाम | महात्मा गांधी | गांधीजी की अध्यक्षता वाला एकमात्र अधिवेशन |
| 1925 | कानपुर | सरोजिनी नायडू | प्रथम भारतीय महिला अध्यक्ष |
| 1929 | लाहौर | जवाहरलाल नेहरू | पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित |
2. क्रांतिकारी आंदोलन एवं प्रमुख संगठन
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अभिनव भारत (1904): विनायक दामोदर सावरकर (वी.डी. सावरकर)।
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हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन – HRA (1924): शचींद्रनाथ सान्याल, रामप्रसाद बिस्मिल। (काकोरी ट्रेन एक्शन – 9 अगस्त 1925)।
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हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन – HSRA (1928): चंद्रशेखर आजाद, भगत सिंह (फिरोजशाह कोटला, दिल्ली)।
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गदर पार्टी (1913): लाला हरदयाल और सोहन सिंह भकना (सैन फ्रांसिस्को, अमेरिका)।
3. प्रमुख समाचार पत्र, पत्रिकाएं और पुस्तकें
| पत्रिका/पुस्तक | लेखक/संपादक |
| द इंडियन सोशियोलॉजिस्ट | श्यामजी कृष्ण वर्मा |
| वंदे मातरम | मैडम भीकाजी कामा |
| यंग इंडिया, नवजीवन, हरिजन | महात्मा गांधी |
| केसरी, मराठा | बाल गंगाधर तिलक |
| अल-हिलाल | मौलाना अबुल कलाम आजाद |
| इण्डिया डिवाइडेड | डॉ. राजेंद्र प्रसाद |
| द डिस्कवरी ऑफ इण्डिया | जवाहरलाल नेहरू |
| इण्डिया विन्स फ्रीडम | मौलाना अबुल कलाम आजाद |
| बंदी जीवन | शचींद्रनाथ सान्याल |
तैयारी की सटीक रणनीति (Preparation Strategy)
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कालानुक्रम (Chronology) पर पकड़ बनाएं: UPPSC अक्सर घटनाओं का सही क्रम (Arrange in Chronological Order) सेट करने को देता है। (जैसे: जलियांवाला बाग -> चौरी चौरा -> साइमन कमीशन -> दांडी मार्च)।
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घटनाचक्र पूर्वावलोकन (Ghatna Chakra PYQs): पिछले 20 वर्षों के पूछे गए प्रश्नों को कम से कम 3-4 बार हल करें।
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गवर्नर जनरल और वायसराय: किस गवर्नर जनरल के काल में कौन-सी महत्वपूर्ण घटना घटी, इसकी एक सूची बनाकर रिवीजन करें।
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शॉर्ट नोट्स: कांग्रेस के अधिवेशन, प्रमुख समाचार पत्र, और क्रांतिकारी संगठनों की 2-3 पन्नों की एक तालिका तैयार कर लें।
📝 अभ्यास प्रश्न सेट: 10 अति-महत्वपूर्ण प्रश्न (व्याख्या सहित)
प्र.1. भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के किस अधिवेशन में पहली बार ‘वंदे मातरम’ गाया गया था?
(a) 1885 बम्बई अधिवेशन
(b) 1896 कलकत्ता अधिवेशन
(c) 1907 सूरत अधिवेशन
(d) 1911 कलकत्ता अधिवेशन
उत्तर: (b)
व्याख्या: बंकिमचंद्र चटर्जी द्वारा रचित राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ पहली बार 1896 के कलकत्ता अधिवेशन में गाया गया था। इस अधिवेशन की अध्यक्षता रहमतुल्लाह एम. सयानी ने की थी। (ध्यान दें: 1911 के कलकत्ता अधिवेशन में पहली बार ‘जन गण मन’ गाया गया था जिसकी अध्यक्षता बिशन नारायण धर ने की थी)।
प्र.2. निम्नलिखित घटनाओं को उनके सही कालानुक्रम (Chronological Order) में व्यवस्थित कीजिए:
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चौरी-चौरा कांड
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जलियांवाला बाग हत्याकांड
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साइमन कमीशन का भारत आगमन
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गांधी-इरविन समझौता
कूट:
(a) 1, 2, 3, 4
(b) 2, 1, 3, 4
(c) 2, 3, 1, 4
(d) 1, 3, 2, 4
उत्तर: (b)
व्याख्या: घटनाओं का सही वर्ष इस प्रकार है:
जलियांवाला बाग हत्याकांड: 13 अप्रैल 1919
चौरी-चौरा कांड: 5 फरवरी 1922
साइमन कमीशन का भारत आगमन: 3 फरवरी 1928
गांधी-इरविन समझौता: 5 मार्च 1931
अतः सही क्रम 2, 1, 3, 4 है।
प्र.3. ‘बंदी जीवन’ नामक प्रसिद्ध पुस्तक निम्नलिखित में से किस क्रांतिकारी द्वारा लिखी गई थी?
(a) भगत सिंह
(b) चंद्रशेखर आजाद
(c) शचींद्रनाथ सान्याल
(d) रामप्रसाद बिस्मिल
उत्तर: (c)
व्याख्या: ‘बंदी जीवन’ पुस्तक शचींद्रनाथ सान्याल द्वारा लिखी गई थी। इस पुस्तक को क्रांतिकारियों की ‘बाइबिल’ भी कहा जाता था। शचींद्रनाथ सान्याल ने 1924 में कानपुर में ‘हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन’ (HRA) की स्थापना की थी।
प्र.4. 1857 की क्रांति के समय अवध (लखनऊ) में विद्रोह का नेतृत्व किसने किया था?
(a) रानी लक्ष्मीबाई
(b) बेगम हजरत महल
(c) खान बहादुर खान
(d) कुंवर सिंह
उत्तर: (b)
व्याख्या: 1857 के संग्राम में लखनऊ (अवध) से बेगम हजरत महल ने अपने अल्पवयस्क पुत्र बिरजिस कादिर को नवाब घोषित कर विद्रोह का नेतृत्व किया था। झांसी से रानी लक्ष्मीबाई, बरेली से खान बहादुर खान और बिहार (जगदीशपुर) से कुंवर सिंह ने नेतृत्व किया था।
प्र.5. ‘गदर पार्टी’ की स्थापना किस वर्ष और कहाँ की गई थी?
(a) 1915, टोक्यो
(b) 1913, सैन फ्रांसिस्को
(c) 1905, लंदन
(d) 1928, दिल्ली
उत्तर: (b)
व्याख्या: गदर पार्टी की स्थापना 1913 में सैन फ्रांसिस्को (अमेरिका) में लाला हरदयाल, सोहन सिंह भकना और पंडित काशीराम द्वारा की गई थी। इसके प्रथम अध्यक्ष सोहन सिंह भकना थे और इन्होंने ‘गदर’ नाम से एक साप्ताहिक पत्र भी निकाला था।
प्र.6. 1930 के ‘दांडी मार्च’ के संदर्भ में कौन-सा कथन सत्य है?
(a) यह यात्रा 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से शुरू हुई थी।
(b) गांधीजी ने 6 अप्रैल 1930 को दांडी पहुंचकर नमक कानून तोड़ा था।
(c) इसमें गांधीजी के साथ 78 चुने हुए अनुयायी शामिल थे।
(d) उपर्युक्त सभी कथन सत्य हैं।
उत्तर: (d)
व्याख्या: दांडी यात्रा 12 मार्च 1930 को साबरमती आश्रम से शुरू होकर 24 दिनों की यात्रा के बाद 6 अप्रैल 1930 को दांडी पहुंची, जहाँ गांधीजी ने नमक बनाकर सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत की। इसमें कुल 78 अनुयायी शामिल थे।
प्र.7. महात्मा गांधी ने केवल एक बार कांग्रेस के किस अधिवेशन की अध्यक्षता की थी?
(a) 1916 लखनऊ
(b) 1924 बेलगाम
(c) 1931 कराची
(d) 1929 लाहौर
उत्तर: (b)
व्याख्या: महात्मा गांधी ने अपने जीवन में केवल एक बार 1924 के बेलगाम (कर्नाटक) कांग्रेस अधिवेशन की अध्यक्षता की थी।
प्र.8. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए:
| सूची-I (पत्रिका/समाचार पत्र) | सूची-II (संपादक/संस्थापक) |
| A. अल-हिलाल | 1. बाल गंगाधर तिलक |
| B. केसरी | 2. मौलाना अबुल कलाम आजाद |
| C. नवजीवन | 3. डॉक्टर बी.आर. अंबेडकर |
| D. मूकनायक | 4. महात्मा गांधी |
कूट:
(a) A-2, B-1, C-4, D-3
(b) A-1, B-2, C-3, D-4
(c) A-2, B-4, C-1, D-3
(d) A-3, B-1, C-4, D-2
उत्तर: (a)
व्याख्या: अल-हिलाल (मौलाना आजाद), केसरी (तिलक – मराठी भाषा में), नवजीवन (महात्मा गांधी), और मूकनायक (डॉ. बी.आर. अंबेडकर)।
प्र.9. ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ के दौरान ‘करो या मरो’ (Do or Die) का नारा किसने दिया था?
(a) सुभाष चंद्र बोस
(b) जवाहरलाल नेहरू
(c) महात्मा गांधी
(d) सरोजिनी नायडू
उत्तर: (c)
व्याख्या: 8 अगस्त 1942 को बम्बई के ग्वालिया टैंक मैदान से महात्मा गांधी ने ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ का आह्वान किया और देशवासियों को “करो या मरो” का ऐतिहासिक नारा दिया था।
प्र.10. उत्तर प्रदेश के किस जिले में ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ (1942) के दौरान चित्तू पांडे के नेतृत्व में पहली समानांतर सरकार (Parallel Government) बनी थी?
(a) प्रयागराज
(b) बलिया
(c) गोरखपुर
(d) गाजीपुर
उत्तर: (b)
व्याख्या: अगस्त 1942 में उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में चित्तू पांडे के नेतृत्व में स्थानीय जनता ने ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंका और पहली समानांतर सरकार का गठन किया था। बलिया को इसी कारण ‘शेर-ए-बलिया’ भी कहा जाता है।
निष्कर्ष (Conclusion)
UPPSC RO/ARO 2026 परीक्षा में सफलता के लिए “भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन” एक निर्णायक विषय है। तिथियों, संस्थाओं, पत्र-पत्रिकाओं और घटनाओं के कालानुक्रम को बार-बार लिखकर अभ्यास करें। ऊपर दिए गए 10 अभ्यास प्रश्नों के पैटर्न को ध्यान में रखते हुए पूर्वावलोकन के प्रश्नों को नियमित रूप से हल करें। सटीक रणनीति और निरंतर रिवीजन से आप इस विषय में शत-प्रतिशत अंक प्राप्त कर सकते हैं।
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